ध्येय आईएएस ही क्यों? (Why Dhyeya IAS?)


ध्येय आईएएस ही क्यों? (Why Dhyeya IAS?)


ध्येय आईएएस में हम मिसाल पेश करते हुए आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं /हमारी हमारी शक्ति है हमारा लगातार परिणामोन्मुख प्रदर्शन /यह हमारी कटिबद्धता, प्रतियोगितात्मकता एवं सततता का परिणाम है जिसने विगत 10 वर्षों से ध्येय आईएएस को केंद्र एवं राज्य स्तरीय सिविल सेवा परीक्षा संस्थानों में भारत का नंबर 1 संस्थान बनाये रखा है

प्रतिभा को पोषित करना और आकार देना – क्योंकि, आपकी प्रतिभा निर्धारित करती है कि आप क्या कर सकते हैं। आपकी प्रेरणा निर्धारित करती है कि आप कितना करना चाहते हैं, लेकिन आपका दृष्टिकोण निर्धारित करता है कि आप इसे कितना अच्छा करते हैं।

ध्येय आईएएस में, हमारा उद्देश्य छात्र की सामर्थ्य बढ़ाने और वांछित क्षमताओं का निर्माण करना है। क्षमता एवं योग्यता दोनों ही महत्वपूर्ण है और इनके संवर्धन में विभिन्न रणनीतियों का समावेश है। हमारी विशेषज्ञ टीम आपको साधारण चीजों को असाधारण अवसरों में बदलने में मदद करती है।

सर्वश्रेष्ठ अध्ययन सामग्री – ध्येय आईएएस में, हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत "अध्ययन का उद्देश्य धनार्जन नहीं वरन सीखना होना चाहिए "। हम भी अपने छात्रों के साथ सीखते हैं और विकसित होते हैं। जितना अधिक हम सीखेंगे उतना ही हम छात्र की आवश्यकता को समझेंगे । इस विचार और विचारधारा के साथ, हम प्रासंगिक अध्ययन सामग्री तैयार एवं विकसित करते हैं।

अकादमिक सहयोगियों की समर्पित टीम - हम छात्रों को संलग्न करने और विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। क्योंकि, हम सभी के पास समान प्रतिभा नहीं हो सकती है, लेकिन हम सभी को सीखने और प्रदर्शन करने के बराबर अवसर होने चाहिए। इसलिए, हम आपको दिन रात अकादमिक सहायता की सुविधा प्रदान करते हैं। हमारे पास अकादमिक एसोसिएट्स की एक समर्पित टीम जिनके पास सिविल सेवा के साक्षात्कार में 2-3 बार सम्मिलित होने का अनुभव है, आपके संदेहों को दूर करने एवं सम्बद्ध विषयों पर चर्चा के द्वारा आपका उचित मार्गदर्शन करते हैं

नेतृत्व और प्रबंधन की गुणवत्ता का विकास - शिक्षक - छात्र सम्बन्ध - समुचित शिक्षण के लिए एक अर्थपूर्ण सम्बन्ध आवश्यक है । हमारे पास ऐसे शिक्षक हैं जो सिखाए जाने से ज्यादा सीखने में विश्वास रखते हैं । सीखने की प्रक्रिया में, हमारे शिक्षक छात्रों के साथ शामिल होते है और सम्बन्ध का निर्माण करते है । इस प्रक्रिया के पीछे जो सोच है उसका उद्देश्य छात्र-शिक्षक भागीदारी विकसित करना और सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

समाज के कमजोर वर्ग से संबंधित अभ्यर्थियों की सहायता और उन्हें समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बनने में मदद करना हमारा परम उद्देश्य रहा है ।

मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन कौशल - ज्ञान की अपनी अहमियत है किन्तु सबसे महत्त्वपूर्ण है आप अपने ज्ञान को कैसे प्रदर्शित करते हैं जो छात्र मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाते हैं ऐसा नहीं है की उनके पास उत्तीर्ण छात्रों से काम ज्ञान है / लिखने का तात्पर्य केवल अपने विचारों को लेखनीबद्ध करना मात्र नहीं है बल्कि यह एक कला है जिसे सतत प्रयास एवं उचित मार्गदर्शन के माध्यम से सुधारा जा सकता है |