यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: श्रीलंकाई आर्थिक संकट (Sri Lankan Economic Crisis)

खबरों में क्यों?

  • कोविड -19 महामारी से उत्पन्न श्रीलंका की विकट आर्थिक स्थिति, भोजन की कमी, नागरिकों को भारतीय तटों पर भागने के लिए मजबूर कर रही है। 22 मार्च को, आठ बच्चों सहित 16 श्रीलंकाई नागरिक तमिलनाडु पहुंचे। पेपर की कमी के कारण अधिकारियों को छात्रें की स्कूल परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था की स्थिति

  • 2020 में, महामारी ने पर्यटन उद्द्योग को नष्ट कर दिया, जो श्रीलंका के मुख्य विदेशी मुद्रा अर्जक में से एक है। इससे द्वीपियदेश में डॉलर का संकट पैदा हो गया।
  • सरकार के अचानक से जैविक खेती पर स्विच करने से समस्या और बढ़ गई।
  • श्रीलंका पेट्रोलियम, भोजन, कागज, चीनी, दाल, दवाएं, और परिवहन उपकरण जैसी आवश्यक वस्तुओं के आयात पर बहुत अधिक निर्भर है।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका के विदेशी मुद्रा भंडार के घटकर लगभग 2.3 बिलियन डॉलर हो जाने से आयात और विदेशी ऋण के भुगतान हेतु बड़ा संकट पैदा हो गया है।
  • इस वर्ष श्रीलंका को डॉलर मूल्यवर्ग में $6 बिलियन से अधिक ऋण राशि, वापस करनी है, जिसमें जुलाई में परिपक्व होने वाला $1 बिलियन का सॉवरेन बांड भी शामिल है।
  • प्रिंटिंग पेपर की भारी कमी के कारण सरकार को स्कूल परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा है।
  • इसकी एकमात्र ईंधन रिफाइनरी में नवंबर 2021 से कच्चे तेल की कमी हो गई है ।
  • फरवरी में उपभोक्ता कीमतों में 15% की वृद्धि हुई है, जो 13 एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज है।

संतुलन स्थापित करने की चुनौती

  • श्रीलंका का सार्वजनिक ऋण 2019 में 94% से बढ़कर 2021 में सकल घरेलू उत्पाद का 119% होने का अनुमान है।
  • विश्लेषकों के अनुसार, देश को या तो कर्ज के पुनर्गठन की जरूरत है या राहत पैकेज के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मदद की जरूरत है।
  • आईएमएफ विकल्प को आगे बढ़ाने के बारे में सरकार में संशय की स्थिति थी। वित्त मंत्री ने कहा कि आईएमएफ राहत समेत सभी विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
  • परन्तु केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि श्रीलंका को आईएमएफ की मदद की जरूरत नहीं है क्योंकि उसके पास एक वैकल्पिक रणनीति है।

संकट से निपटने की चुतौती

  • फरवरी में, केंद्रीय बैंक ने सभी आगामी ऋण दायित्वों का सम्मान करने के बारे में कहा और देश के डिफॉल्ट के कगार पर होने की खबरों का खंडन किया।
  • देश निकट भविष्य में घरेलू परिस्थितियों को स्थिर करने को प्राथमिकता दे सकता है और एक गहरे आर्थिक संकट को टाल सकता है।
  • श्रीलंकाई लोगों के लिए, देश का ऋण संकट, बढ़ती चिंता और हताशा का कारण बन गया है। लोग चिंतित हैं और सरकार पर काफी गुस्सा है।

सरकार का प्रतिरोध

  • राष्ट्रपति राजपक्षे के खिलाफ नागरिक और राजनीतिक दल विरोध करने हेतु सड़कों पर उतर रहे हैं।
  • कई मीडिया घराने सरकार की आलोचना कर रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया के पेज राजपक्षे पर तीखी टिप्पणियों से भरे हुए हैं।

श्रीलंका के कदम

  • श्रीलंका मदद के लिए चीन और भारत की ओर रुख कर रहा है।
  • चीन कथित तौर पर श्रीलंका से 2.5 अरब डॉलर के ऋण अनुरोध पर विचार कर रहा है।
  • इसके भीतर, ऋण $1 बिलियन का होगा और एक क्रेडिट लाइन $1.5 बिलियन का गठन करेगी।
  • यह उस 2.8 बिलियन डॉलर की सहायता के अतिरिक्त है जिसे चीन ने महामारी के प्रकोप के बाद से श्रीलंका को दिया है।
  • भारत ने भी अपने पड़ोसी की सहायता के लिए कदम बढ़ाया है।
  • वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारतीय स्टेट बैंक और श्रीलंका सरकार के बीच एक समझौता हुआ।
  • भारत श्रीलंका सरकार को एक अरब डॉलर की ऋण सुविधा देने पर सहमत हुआ, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वह लोगों के लिए भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर सके।
  • श्रीलंका अंततः आईएमएफ से सहायता मांग रहा है। बासिल राजपक्षे संकट का समाधान निकालने पर चर्चा करने के लिए अगले महीने वाशिंगटन जाएंगे।
  • राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहा कि उन्होंने कोलंबो की सहायता के लिए आईएमएफ कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।