बिम्सटेक की पाँचवीं बैठक (5th BIMSTEC Summit 2022) : डेली करेंट अफेयर्स

बिम्सटेक की स्थापना का 25वां वर्ष हाल ही पूरा हुआ है। इसी कड़ीं में हाल ही में पाँचवीं बिम्सटेक समिट आयोजित किया गया है। मेजबानी वर्चुअल माध्यम से श्रीलंका ने की, जो इस समय बिम्सटेक का अध्यक्ष है। इसका अगला अध्यक्ष थाईलैंड को बनाया जाएगा।

शिखर-सम्मेलन की विषयवस्तु “टूवर्ड्स ए रेजीलियंट रीजन, प्रॉस्पेरस इकोनॉमीज़, हेल्दी पीपुल” सदस्य देशों के लिये प्राथमिकता विषय है। इसके अलावा बिम्सटेक के प्रयासों से सहयोगी गतिविधियों को विकसित करना भी इसमें शामिल है।

Fifth meeting of BIMSTEC network policy think tanks BNPTT : Daily ...

प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा अन्य राष्ट्राध्यक्षों के समक्ष तीन बिम्सटेक समझौतों पर हस्ताक्षर हुये। इन समझौतों में वर्तमान सहयोग गतिविधियों में हुई प्रगति के विषय शामिल हैः 1). आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता पर बिम्सटेक समझौता, 2). राजनयिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में आपसी सहयोग पर बिम्सटेक समझौता-ज्ञापन, 3). बिम्सटेक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सुविधा की प्रतिस्थापना के लिये प्रबंध-पत्र।

इस बैठक के दौरान बिम्सटेक Charter को adopt किया गया है। बिम्सटेक के नए चार्टर में सदस्य देशों ने हर दो सालों में summit मीटिंग्स और सालाना विदेश मंत्रियों की बैठक का निर्णय लिया है।

वहीं बिम्सटेक के सेक्रेटरी जनरल का सुझाव था कि एक Eminent Persons Group का गठन किया जाए, जो एक vision document तैयार करेगा।

बैठक के दौरान बिम्सटेक सचिवालय की क्षमता को बढ़ाने पर बल दिया गया। भारत सचिवालय के operational budget को बढ़ाने के लिए one मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता देगा।

भारत ने इस शिखर सम्मेलन में कहा है कि बिम्सटेक सदस्यों द्वारा अपने बीच FTA के प्रस्ताव पर शीघ्र प्रगति करना आवश्यक है। Intra-बिम्सटेक trade और economic integration को बढ़ावा देने की बात की गई है । इस संदर्भ में, Indian Council for Research on International Economic Relations, ADB के साथ मिल कर, हमारे अधिकारियों की जागरूकता बढ़ाने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करने वाला है।

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत का कहना था कि हमें अपने देशों के उद्यमियों और start-ups के बीच आदान-प्रदान भी बढ़ाना चाहिए।इसी के साथ, हमें Trade Facilitation के क्षेत्र में international norms को अपनाने का भी प्रयत्न करना चाहिए।

शिखर सम्मेलन के दौरान बिम्सटेक के Master Plan for Transport Connectivity को अडॉप्ट किया गया है जिसमें ADB की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Bay of Bengal में एक 'coastal shipping ecosystem' स्थापित करने के लिए एक कानूनी फ्रेमवर्क शीघ्र विकसित करना आवश्यक है। Electricity grid inter-connectivity को भी चर्चाओं से आगे ले जाकर धरातल पर उतारने का समय आ गया है। इसी तरह Road connectivity बढ़ाने के लिए भी एक legal framework की स्थापना महत्वपूर्ण है।

Disaster management, विशेषकर disaster risk reduction पर सहयोग के लिए, बिम्सटेक Centre for Weather and Climate एक महत्त्वपूर्ण संस्था है। और इसे सक्रिय बनाने के लिए भारत ने सदस्य देशों का सहयोग मांगा है। इस Centre के कार्य को पुनः शुरू करने के लिए भारत तीन मिलियन डॉलर का योगदान करने को तैयार है।

भारत ने हाल में तीसरी बिम्सटेक Disaster Management Exercise ''पैनेक्स-21'' आयोजित की। इस तरह की exercises नियमित रूप से होनी चाहिए। ताकि हमारे अधिकारीयों के बीच disaster के समय साथ काम करने की institutional व्यवस्था मजबूत हो।

बिम्सटेक सदस्य देशों ने नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली बिम्सटेक Scholarship योजना का विस्तार करने और उसका दायरा बढ़ाने की दिशा में काम करने का निर्णय किया हैं। सदस्य देश बंगाल की खाड़ी को केंद्र में रखते हुए Marine Sciences पर joint research को बढ़ावा देने का भी प्रयत्न कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र सभी बिम्सटेक देशों की अर्थव्यवस्था का आधार है। सदस्य राष्ट्रों के बीच value-added कृषि products की regional value chains बनाने की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके लिए हमने भारत के एक संस्थान-RIS - को व्यापक अध्ययन करने का कार्य दिया है।

पांचवें शिखर सम्मेलन के दौरान हमारे बीच mutual legal assistance treaty on criminal matters पर भी हस्ताक्षर हो रहे हैं। बिम्सटेक का Convention to combat terrorism पिछले साल से सक्रिय हो गया है।

बिम्सटेक सदस्य देशों के diplomatic training institutes के बीच सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है। ऐसा ही agreement सदस्य देश अपने law enforcement training institutes के बीच भी कर सकते हैं। भारत की Forensic Science University अपनी फ़ील्ड में एक unique और world class संस्था है। सदस्य देश इसमें बिम्सटेक देशों के पुलिस और forensic officials के लिए capacity building की व्यवस्था भी कर सकते हैं।