उत्तरप्रदेश में अब सभी सेवाएं होंगी ऑनलाइन सिंगल विंडो के माध्यम से : डेली करेंट अफेयर्स

चर्चा में क्यों?

  • योगी आदित्यनाथ सरकार कारोबार से लेकर सभी नागरिक सेवाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने जा रही है। शत-प्रतिशत सेवाएं अब ई-गवर्नेंस के माध्यम से मिलेंगी। इसके लिए सरकार ने निवेश मित्र और ई-गवर्नेंस पोर्टल लांच किये है।

ई-गवर्नेंस क्या है?

  • ई-गवर्नेंस का तात्पर्य सरकारी सेवाओं को डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों तक पहूंचाना है।
  •  इसके तहत सरकारी सेवाएं प्रदान करने, सूचनाओं के आदान-प्रदान, लेनदेन, पहले से मौजूद सेवाओं और सूचना पोर्टलों के एकीकरण के लिए संचार और सूचना प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग शामिल है।
  • ई-गवर्नेंस माध्यम से सरकार से नागरिकों, सरकार से व्यवसाय और सरकार से सरकार के बीच सरकारी सेवाओं को वितरित करने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया जाता है।

स्मार्ट शासन क्या है?

स्मार्ट शासन का तात्पर्य सरल, नैतिक, जवाबदेह, उत्तरदायी और पारदर्शी शासन से है।

  • s-simple, m-moral, a-accountable , r- responsive , t-transparent : SMART
  • सरल- अर्थात आईसीटी के उपयोग के माध्यम से सरकार के नियमों, विनियमों और प्रक्रियाओं का सरलीकरण।
  • नैतिक- राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र में नैतिक मूल्यों प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप से विकशित करना।
  • जवाबदेह- सार्वजनिक सेवा कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना।
  • उत्तरदायी- सेवा वितरण में तेजी लाने और सिस्टम को अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना।
  • पारदर्शी - सरकारी दस्तावेजों में अब तक सीमित जानकारी को सार्वजनिक डोमेन में लाना और प्रक्रियाओं और कार्यों को पारदर्शी बनाना।

ई गवर्नेंस के फायदे

  • आम आदमी की सरकार तक पहुँच बढ़ी।
  • भ्रष्टाचार में कमी।
  • महिला सशक्तिकरण हो रहा है।
  • तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचैन, 5G, ऑगमेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी आदि के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
  • सामाजिक और आर्थिक विकास होगा।
  • देश के लिए FDI में बढ़ोतरी हो सकती है।
  • प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ी है ।
  • सरकारी सेवाओं के वितरण और दक्षता में बढ़ोतरी।
  • व्यापार और उद्योग करना हुआ आसान।
  • सूचना तक पहुंच के माध्यम से नागरिक सशक्तिकरण।
  • अधिक कुशल सरकारी प्रबंधन।
  • लागत में कटौती और राजस्व वृद्धि।
  • प्रशासनिक प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही में कमी।
  • सार्वजनिक प्राधिकरणों और नागरिक समाज के बीच बेहतर संबंध।

ई गवर्नेंस की पहले

राष्ट्रीय ई-शासन योजना (एनईजीपी)

  • केंद्र सरकार ने 18 मई, 2006 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना को मंजूरी दी।
  • इसके तहत देश भर में ई-शासन पहलों को एक समग्र, सामूहिक द्रष्टि के साथ एकीकृत किया जा रहा है।
  • इसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं को नागरिकों के घर के करीब लाना है, जैसा कि एनईजीपी के विजन स्टेटमेंट में व्यक्त किया गया है।
  • इसी के तहत 44 मिशन मोड परियोजनों को लांच किया गया है। मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) राष्ट्रीय ई-शासन योजना के अंतर्गत एक स्वतंत्र परियोजना के तौर पर शुरु की गयी। यह परियोजना ई-शासन के विभिन्न पहलुओं के किसी खास हिस्से जैसे कि बैकिंग, भूमि रिकार्ड या व्यवसायिक कर आदि पर आधारित सेवाओं का ध्यान रख कर बनाई गई है।

ई-क्रांति

  • ई-क्रांति पूरे भारत में ई-गवर्नेंस में तेजी लाने के लिए एक राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना है। इसके तहत एकीकृत, इंटरऑपरेबल सिस्टम के माध्यम से नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सभी सरकारी सेवाओं को वितरण शामिल है।
  • इसके अलावा आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर, उमंग, ई साइन, CSC2.0, ई-प्रमाण, E-gov App, पे गवर्नमेंट इंडिया, सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस आदि भी ई-गवर्नेंस पहलों में शामिल है।

ई-गवर्नेंस पर 24वां राष्ट्रीय सम्मलेन

  • प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएपीआरजी), कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार ने तेलंगाना सरकार के सहयोग से ई-गवर्नेंस पर 24वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 7-8 जनवरी 2022 के दौरान हैदराबाद में किया गया।
  • इसमे ई- गवर्नस के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गयी व ‘हैदराबाद डिक्लेरेशन आन ई-गवर्नेंस’ भी लांच किया गया था।
  • तो ये थी बात ई-गवर्नेंस की। उम्मीद है कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब कारोबार से संबंधित सभी विभागों की सेवाएं और सुगम होंगी।