ऐमाजॉन सहेली पोर्टल : डेली करेंट अफेयर्स

चर्चा में क्यों ?

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि एक जिला एक उत्पाद के तहत अमेज़ॅन सहेली पोर्टल पर विक्रेता के रूप में 26 जिलों का पंजीकरण 600 से अधिक स्वयं सहायता समूह उत्पादों के साथ किया गया। 12 जिलों के उत्पादों को अपलोड करने के दो दिन के भीतर आर्डर मिलना शुरू हो गया है। सभी जिलों के अधिकारियों को 15 अगस्त से पहले अमेज़ॅन सहेली पर कम से कम एक क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) पंजीकृत कराने और उत्पादों को रजिस्टर कराएं का निर्देश दिया गया है।

स्वयं सहायता समूह

भारत सरकार द्वारा ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा गांव की महिलाओं को रोजगार देने, जीवनस्तर सुधारने, सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए स्व सहायता समूह का गठन किया जाता है। यह स्व-सहायता समूह में 10 से 20 महिलाओं को एकत्रित किया जाता है इस समूह को बनाने के लिए सभी महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। स्व सहायता समूह जब निर्मित किया जाता है तो उसमें एक महिला को सचिव और एक महिला को स्व सहायता समूह का अध्यक्ष और एक महिला को स्व सहायता समूह का कोषाध्यक्ष बनाया जाता है। शेष महिला सदस्यों को स्व सहायता समूह का सदस्य बना दिया जाता है ।

स्वयं सहायता समूहों (SHG) के कार्य

  • स्वयं सहायता समूह (SHG) का प्रमुख कार्य गरीबों की कार्यात्मक क्षमता का निर्माण करने के साथ-साथ रोजगार प्रदान करना है जिससे वे आय उत्पन्न कर सकें।
  • यह सामूहिक नेतृत्व और आपसी चर्चा से मुद्दे को सुलझाने में विश्वास रखता है।
  • यह समूह द्वारा बाजार संचालित दरों पर तय किए गए नियमों और शर्तों के साथ संपार्श्विक मुक्त ऋण भी देता है।
  • ये समूह उन सदस्यों के लिए सामूहिक गारंटी प्रणाली की तरह काम करते हैं जो अधिकृत स्रोतों से ऋण लेना चाहते हैं।
  • बैंकों में आसान पहुंच प्राप्त होती है जिससे वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
  • इन सभी नियमित और निरंतर प्रयासों से सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) गरीबों को सूक्ष्म वित्त सेवाएं प्रदान करने के लिए सबसे भरोसेमंद और प्रभावी तंत्र के रूप में उभरें है ।

स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की समस्याएं:

  • सदस्यों / प्रतिभागियों की अज्ञानता: अधिकांश समूह उन्हें दी जाने वाली सहायता की योजनाओं से अनजान हैं।
  • अपर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं: उत्पाद चयन, उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन तकनीक, प्रबंधकीय क्षमता, पैकिंग, अन्य तकनीकी ज्ञान के विशिष्ट क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण सुबिधा उपलब्ध नहीं हैं।
  • कच्चे माल से संबंधित समस्याएं: आम तौर पर प्रत्येक एसएचजी आपूर्तिकर्ता कम मात्रा में कच्चा माल खरीदते हैं जिससे वे छूट, क्रेडिट सुविधाओं आदि के लाभों का आनंद लेने में सक्षम नहीं हो सकते हैं।
  • विपणन की समस्याएं: विपणन स्वयं सहायता समूहों के कामकाज का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हालांकि उनके द्वारा उत्पादित उत्पादों के विपणन में उन्हें विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पारंपरिक प्रौद्योगिकी के उपयोग के कारण उत्पादों की खराब गुणवत्ता तथा वितरण के एक सुपरिभाषित और सुव्यवस्थित चैनल का अभाव।
  • कमजोर वित्तीय प्रबंधन:यह भी पाया गया है कि कुछ इकाइयों में व्यवसाय से होने वाली आय को इकाइयों में उचित रूप से निवेश नहीं किया जाता है।
  • कम रिटर्न: अक्षम प्रबंधन उत्पादन की उच्च लागत गुणवत्ता जागरूकता की अनुपस्थिति आदि के कारण कुछ समूहों में निवेश पर प्रतिफल आकर्षक नहीं है।
  • अपर्याप्त वित्तीय सहायता: अधिकांश स्वयं सहायता समूहों में संबंधित एजेंसियों द्वारा उन्हें प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता उनकी वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
  • वित्तीय संस्थानों का असहयोगी रवैया: वित्तीय संस्थान वित्त और अन्य सहायता प्रदान करते समय स्वयं सहायता समूहों को गंभीरता से नहीं लेते हैं।

आर्थिक दिक्कत को दूर करने के लिए अभी वर्तमान में सरकार पहलें

  • प्रियदर्शिनी योजना : इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है, इसके लिए नाबार्ड नोडल एजेंसी है।
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना - इसका लक्ष्य दीर्घकालिक गरीब सामुदायिक संस्थानों को विकसित करके ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी को कम करना है ।
  • मिशन वित्तीय सेवा विभाग (DFS), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघों के साथ मिलकर एसएचजी को बैंक ऋण प्रदान करने के लिए काम करता है।
  • राष्ट्रीय महिला कोष (RMK) मार्च 1993 में भारत सरकार द्वारा महिला और बाल विकास विभाग (अब मंत्रालय) के तहत सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत एक स्वायत्त इकाई के रूप में बनाया गया था।

अमेज़ॅन सहेली क्या है?

अमेज़न सहेली भारत में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए अमेज़न द्वारा शुरू की गई एक विशेष पहल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण करना और महिला उद्यमियों के उत्पादों को अमेज़न मार्केटप्लेस पर बेचने में सक्षम बनाना है।

इस पहल के तहत, अमेज़ॅन ने महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों द्वारा उत्पादों को बेचने के लिए एक विशेष ऑनलाइन स्टोर अमेज़ॅन सहेली भी डिज़ाइन किया है।

इस स्टोर में, आपको महिलाओं द्वारा उत्पादित सभी प्रकार के उत्पाद जैसे हस्तशिल्प, हथकरघा, सहायक उपकरण, गहने, और बहुत कुछ मिल जाएगा। इस मिशन में सफल महिला उद्यमी और गैर सरकारी संगठन मिलकर अन्य महिलाओं को सहेली स्टोर में अपना उत्पाद बेचने और अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरितकरना भी शामिल हैं।

अमेज़न सहेली प्रोग्राम का उद्देश्य

  • महिलाओं को रोजगार उन्मुख बनाते हुए आर्थिक रूप से सक्षम करना ।
  • स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
  • समाज की जरूरतों के हिसाब से उत्पाद तैयार किए जा सकेगे ।
  • स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न प्रकार के उत्पादों का उत्पादन और बिक्री कर अपनी आत्मनिर्भरता का मार्ग कर सकेगी।
  • स्वयं सहायता समूहों द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढावा मिलेगा जिससे आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।