नागरिक विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) : डेली करेंट अफेयर्स

नागरिक विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation)

चर्चा में क्यों?

हाल ही में नागरिक विमानन महानिदेशालय ने कहा कि सबरीमाला हवाई अड्डे का प्रस्तावित स्थल कोच्चि और तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डों से लगभग 88 किमी और 110 किमी दूर है, जो ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा नीति की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है।

नागरिक विमानन महानिदेशालय

भारत सरकार की नागर विमानन मंत्रालय के अधीनस्थ नागर विमानन की एक नियामक संस्था है, जो मुख्य रूप से विमानन दुर्घटनाओं तथा अन्य संबंधित घटनाओं के बारे में जाँच करता है।नागरिक विमानन महानिदेशालय भारत में एयरवर्थनेस मानकों चालक दल के प्रशिक्षण को लागू करने, नियंत्रित करने और पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार है।

नागरिक विमानन महानिदेशालय के मुख्य कार्य निम्न प्रकार है:

  1. नागरिक विमानों का पंजीकरण करने का कार्य करना।
  2. भारत में पंजीकृत नागरिक विमानों के लिए एयरवर्थनेस के मानकों का गठन और ऐसे विमानों को एयरवर्थनेस का सर्टिफिकेट प्रदान करने का कार्य करना।
  3. विमान रखरखाव इंजीनियरों, पायलटों और उड़ान इंजीनियरों का लाइसेंस, और उस उद्देश्य के लिए परीक्षाएं और जांच आयोजित करने का कार्य।
  4. हवाई यातायात नियंत्रकों के लाइसेंसिंग का कार्य।
  5. एयरोड्रोम और सीएनएस अथवा एटीएम सुविधाओं के प्रमाणन का कार्य।
  6. भारतीय वाहकों को एयर ऑपरेटर का प्रमाण पत्र प्रदान करने का कार्य करना और भारतीय और विदेशी ऑपरेटरों द्वारा भारत अथवा भारत के भीतर संचालित होने वाली हवाई परिवहन सेवाओं का नियमन करने का कार्य, जिसमें ऑपरेटरों की अनुसूचित और गैर-अनुसूचित उड़ानों की मंजूरी भी शामिल है।
  7. दुर्घटनाओं अथवा घटनाओं की जांच करने का कार्य और दुर्घटना रोकथाम के उपाय करने का कार्य, जिसमें सुरक्षा विमानन प्रबंधन कार्यक्रमों को लागू करने का कार्य शामिल है।
  8. भारत में विमान अधिनियम, विमान नियम और नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं में संशोधन और किसी अंतर्राष्ट्रीय अधिनियम को प्रभावी करने के लिए या किसी अन्य अधिनियम में संशोधन के लिए या किसी नए अधिनियम को पारित करने के लिए प्रस्तावों की शुरुआत करने का कार्य करना।
  9. राष्ट्रीय स्तर पर नागरिक और सैन्य हवाई यातायात एजेंसियों द्वारा हवाई अंतरिक्ष के फ्लेक्सी-उपयोग के लिए समन्वय और भारतीय वायु अंतरिक्ष के माध्यम से नागरिक उपयोग के लिए अधिक हवाई मार्गों के प्रावधान के लिए आईसीएओ के साथ बातचीत करने का कार्य करना।
  10. भारत में विमान के शोर और इंजन उत्सर्जन पर आईसीएओ एनेक्स 16 के अनुसार जांच करना और पर्यावरण अधिकारियों के साथ सहयोग करना।
  11. विमान घटकों के निर्माण को बढ़ावा देना और एक उत्प्रेरक एजेंट के रूप में कार्य करके स्वदेशी डिजाइन विकसित करने का कार्य करना।
  12. खतरनाक सामानों की ढुलाई के लिए ऑपरेटरों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मंजूरी देना, खतरनाक सामानों की ढुलाई के लिए प्राधिकरण जारी करना आदि।