गृह मंत्रालय का नया हाइब्रिड सिक्योरिटी मॉडल : डेली करेंट अफेयर्स

हाल ही में भारत के गृह मंत्री द्वारा हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल पर जोर देते हुए इसे आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत उपकरण बनाने की सिफारिश की गई है ।

हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल के तहत यह विचार दिया गया है कि निजी क्षेत्र की विभिन्न औद्योगिक और विनिर्माण इकाइयों को प्रभावी सुरक्षा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार का अर्धसैनिक बल सीआईएसएफ (CISF) और निजी सुरक्षा एजेंसियां हाथ मिला सकती हैं।

देश के गृह मंत्रालय द्वारा सीमाओं और बंदरगाहों के पास स्थित औद्योगिक इकाइयों पर ड्रोन के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर इस खतरे के खिलाफ एक प्रभावी टेक्नोलॉजी तैयार करने के लिए आग्रह किया है।

लगभग 1.64 लाख सुरक्षाकर्मियों से लैस सीआईएसएफ मौजूदा समय में देश के 65 नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की हिफाजत की जिम्मेदारी भी उस पर है। सीआईएसएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है।

हाइब्रिड सिक्योरिटी मॉडल क्यों :

निजी सुरक्षा अभिकरणों की संख्या और भूमिका लगातार बढ़ रही है। इन निजी सुरक्षा अभिकरणों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी CISF ले , ऐसा गृह मंत्रालय की मंशा है।

गृह मंत्रालय का यह भी मानना है कि देश के औद्योगिक और विनिर्माण इकाइयों की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF के हाथों से काफी हद तक निजी सुरक्षा अभिकरणों के हाथ में आये क्योंकि CISF पर पहले से बड़ा सुरक्षा भार है । CISF वर्तमान में देश के 65 एयरपोर्ट्स की सुरक्षा में लगा है, साथ ही यह सरकारी और निजी क्षेत्रों के 354 इकाइयों की सुरक्षा में वर्तमान में लगा है।

अब देश का गृह मंत्रालय चाहता है कि CISF प्राइवेट सेक्टर एजेंसीज को ट्रेनिंग और प्रमाणन देने का कार्य करे। वर्तमान में CISF मैसूर ,बेंगलुरू और पुणे स्थित इंफोसिस कैम्पसों , हरिद्वार स्थित पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क और गुजरात के जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी जैसे निजी क्षेत्र के संस्थानों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है । हाल ही में CISF के 230 कमांडोज ने रिलांयस जिओ वर्ल्ड सेन्टर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली है।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल भारत का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल है जो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम 1968 के तहत बनाया गया था। वर्ष 1969 से इसने सक्रिय रूप से कार्य करना शुरू किया। इसमें 12 रिजर्व बटालियन और 8 ट्रेनिंग संस्थान हैं और यह डेढ़ लाख से अधिक कर्मचारियों के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।

CISF सामरिक प्रतिष्ठानों जैसे अंतरिक्ष विभाग, ऊर्जा विभाग, एयरपोर्ट्स, दिल्ली मेट्रो, प्रमुख बंदरगाहों, ऐतिहासिक इमारतों, भारतीय अर्थव्यवस्था के मूलभूत क्षेत्रों जैसे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, विद्युत, कोयला, स्टील, खनन क्षेत्र आदि को सुरक्षा प्रदान करता है।

सीआईएसएफ संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भी अपनी भूमिका निभा चुका है और इसने हैती में संयुक्त राष्ट्र संघ की फॉर्म्ड पुलिस यूनिट की स्थापना भी की थी।