राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस (National Pollution Control Day) : डेली करेंट अफेयर्स

सन्दर्भ

भारत में प्रतिवर्ष 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के बारे में

  • राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 1984 की भोपाल गैस त्रासदी से अपने प्राण गवाने वाले लोगों की स्मृति के मनाया जाता है।
  • यह दिवस पर्यावरणीय मामलो में हुई चूक की भयावह परिणामो के बारे में अवगत कराता है।
  • इस दिवस को मनाने का प्राथमिक उद्देश्य औद्योगिक आपदाओं के प्रबंधन और नियंत्रण के सन्दर्भ में लोगों को जागरूक करना तथा और औद्योगिक अथवा मानवीय गतिविधियों के कारण उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के नियंत्रण की दिशा में प्रयास करना है।
  • भोपाल में 2 दिसंबर, 1984 की रात को अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के प्लांट से लगभग 30 टन ‘मिथाइल आइसोसाइनाइट’ गैस का रिसाव हुआ था। जिसके फलस्वरूप तकरीबन 15,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई थी।
  • अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड का वर्तमान नाम डाउ केमिकल्स है।

मिथाइल आइसोसाइनेट

  • मिथाइल आइसोसाइनेट एक कार्बनिक यौगिक है।
  • इसका रासयनिक सूत्र C2H3NCO है।
  • यह COCl2 एवं मिथायेल ऐमीन विलियन के संयोग से बनता है।
  • इसका प्रयोग कार्बोनेट कीटनाशियों के उत्पादन के लिए किया जाता है।

मिथाइल आइसोसाइनेट के रासयनिक गुणधर्म

  • रासयनिक सूत्र: C2H3NO
  • रासायनिक द्रव्यमान: 57.051 g/mol
  • घनत्व:- 0.9230 g/cm3 27 डिग्री सेल्सियस पर
  • क्वथनांक:- 38.3 डिग्री सेल्सियस (100.9 डिग्री फारेनहाइट; 311.4 के)
  • पानी में घुलनशीलता: 10% (15 डिग्री सेल्सियस)
  • गंध: तेज, तीखी गंध

भारत में वायु प्रदूषण का प्रभाव

  • वायु प्रदूषण भारत में अत्यंत विनाशकारी प्रभाव डालता है। विश्व के 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरो में 9 शहर भारत के हैं।
  • 2019 में भारत में वायु प्रदूषण से 17 लाख लोगों की मृत्यु हुई।
  • डलबर्ग एडवाइजर्स , क्लीन एयर फंड और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सम्मिलित रिपोर्ट के अनुसार भारत में वायु प्रदूषण से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में लगभग 95 बिलियन अमरीकी डालर (7 लाख करोड़) की हानि होती है। यह राशि स्वास्थ्य बजट का 2 गुना है।

वायु प्रदूषण के बचाव के उपाय

उच्चतम न्यायलय ने स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार को अनुच्छेद 21 में व्याख्यायित किया है।

भारत की सरकार ऊर्जा के अन्य स्रोतों (अक्षय ऊर्जा स्रोत ) के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इस उद्देश्य से सरकार ने हाल ही में अपनी सकल ऊर्जा आवश्यकता का 50 %नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने का वादा किया है (पंचामृत सिद्धांत ) सरकार हाइड्रोजन नीति को बढ़ावा दे रही है।

वाहन के मामले में सरकार ने बीएस-6 के नियमो को स्वीकारने का आदेश दिया है। सरकार द्वारा वाहन की आयु 15 वर्ष निर्धारित कर दी गई है। जिससे अधिक प्रदूषित वाहन स्क्रैप किये जा सकें।

सरकार द्वारा एयर प्यूरिफायर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है।