रूस विक्ट्री डे (Russia Victory Day) : डेली करेंट अफेयर्स

9 मई को हर साल रूस विक्ट्री डे परेड मनाता है । 1945 में आज ही के दिन नाजी जर्मनी की हार और आत्मसमर्पण के साथ यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के अंत हुआ और रूस इस उपलक्ष्य में विजय दिवस मनाता है।

इस खास अवसर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 15 देशों को बधाई संदेश भेजे हैं जिसमें यूक्रेन भी शामिल है। संदेश में लिखा है-1945 की तरह ही जीत हमारी होगी। संदेश में आगे पुतिन ने अपने सेना की तारीफ करते हुए कहा कि, 'अपने पूर्वजों की तरह ही हमारे सैनिक मातृभूमि को नाजी ताकतों से मुक्त करने के लिए लड़ रहे हैं। आज, हमारा कर्तव्य है नाज़ीवाद को रोकना, जिससे विभिन्न देशों के लोगों को बहुत पीड़ा हुई। " पुतिन ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि "नई पीढ़ियां अपने पिता और दादा की स्मृति के योग्य हो सकती हैं"। रूस ने इस परेड में अपने intercontinental ballistic missile (ICBM) का प्रदर्शन किया।

विक्ट्री डे परेड में पुतिन ने कहा कि वेस्ट हमारी भूमि पर आक्रमण करने की तैयारी कर रहा है। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन हमला इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि पश्चिम के देश क्रीमिया सहित रूस की भूमि पर हमला करने की तैयारी में थे।

पुतिन ने कहा कि नाटो actively हमारे भू क्षेत्र को निशाना बनाये हुए था। यह हमें किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है। हम यूक्रेन में नव नाजीवादियों की बात कर रहे हैं जिसके साथ अमेरिका और उसके पार्टनर्स मिलकर काम कर रहे हैं।

पुतिन ने यह भी कहा कि यूक्रेन नाटो से बिल्कुल आधुनिकतम हथियार प्राप्त कर रहा है इसीलिए उनका यूक्रेन पर युद्ध करने का निर्णय बिल्कुल सही कदम और सही निर्णय है।

पुतिन ने अपने विक्ट्री डे परेड के भाषण में कहा है कि पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेनाएं हमारे motherland ( होमलैंड ) को डिफेंड कर रही हैं और ये बिल्कुल जायज है। रूसी प्रेसिडेंट का कहना था कि पूरे राष्ट्र की यह ड्यूटी है कि सेकंड वर्ल्ड वॉर जनरेशन की स्मृतियों को सुरक्षित रखें क्योंकि इसी ने रूसी लोगों को विजयी बनाने की नींव रखी थी।

उनका कहना था कि रूस ने हमेशा से ही इक्वल ग्लोबल सिक्योरिटी सिस्टम को सपोर्ट किया है और हाल के वर्षों में इस मामले में रूस ने ईमानदार संवाद करने की कोशिश भी की हैं लेकिन लोगों ने रूस को सुना नहीं, उनका इशारा अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों पर था। उनका कहना था कि उनके पास अपनी अलग योजनाएं हैं और वह अब हम देख सकते हैं।

इस विक्ट्री डे परेड के दौरान ही स्वीडन से यह महत्वपूर्ण खबर आई है कि स्वीडन 15 मई को यह निर्णय करेगा कि वह नाटक में शामिल होगा या नहीं । इसका मतलब साफ है कि रूस की आक्रामक गतिविधियों का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और कोई भी राष्ट्र एकतरफा कदम बिना सोचे समझे नहीं उठा सकता।