एस. सोमनाथ इसरो के नए चेयरमैन (S. Somanath ISRO's New Chairman) : डेली करेंट अफेयर्स

भारत में इसरो के नाम से सभी वाकिफ़ हैं। भारत के अंतरिक्ष अभियानों को नेतृत्व देने में इसकी सर्वप्रमुख भूमिका है। अब इस संगठन को उसका नया चेयरमैन मिल गया है। हाल ही में S. Somanath को इसरो का नया 10वां चेयरमैन बनाया गया है। सोमनाथ Senior rocket scientist हैं । उन्होंने इस पद पर के. सिवान का स्थान लिया है।

उन्हें भारत सरकार के Department of space (DoS) का सचिव भी बनाया गया है। एस सोमनाथ भारत के नए स्पेस सेक्रेटरी और नवगठित स्पेस कमीशन के चेयरमैन भी 3 वर्ष तक रहेंगे।

अभी तक एस. सोमनाथ Vikram Sarabhai Space Centre (VSSC) के डायरेक्टर पद पर थे। इस पद पर रहने के पूर्व वे Liquid Propulsion Systems Centre (LPSC) के डायरेक्टर पद पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

एस सोमनाथ के अंतरिक्ष क्षेत्र में विशेषज्ञता की बात करें तो उन्होंने High thrust semi-cryogenic engine के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चन्द्रयान 2 के लैंडर के लिए Throttleable engines के विकास में और साथ ही GSAT-9 में Electric propulsion system के सफल प्रक्षेपण के लिए उन्हीं का अनुभव काम आया।

इसरो का गठन वर्ष 1969 में हुआ था। भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान गतिविधियों की शुरूआत 1960 के दौरान हुई, जिस समय संयुक्‍त राष्‍ट्र अमरीका में भी उपग्रहों का प्रयोग करने वाले अनुप्रयोग परीक्षणात्‍मक चरणों पर थे।

अमरीकी उपग्रह ‘सिनकाम-3’ द्वारा प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में टोकियो ओलंपिक खेलों के सीधे प्रसारण ने संचार उपग्रहों की सक्षमता को प्रदर्शित किया, जिससे डॉ. विक्रम साराभाई, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक ने तत्‍काल भारत के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के लाभों को पहचाना।

डॉ. साराभाई तथा डॉ. रामनाथन के नेतृत्‍व में इन्कोस्‍पार (भारतीय राष्‍ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति) की शुरूआत हुई। इसी का स्थान 1969 में इसरो ने लिया था।