सौभाग्य योजना (SAUBHAGYA Scheme) : डेली करेंट अफेयर्स

सौभाग्य योजना (SAUBHAGYA Scheme)

बीते 25 सितंबर को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानी सौभाग्य योजना को लागू हुए चार साल पूरे हो गए। सौभाग्य योजना को 25 सितंबर साल 2017 को लागू किया गया था। इसका उद्देश्य देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सभी घरों में बिजली पहुंचाना था। इसको और स्पेसिफिक होकर बताएं तो लास्ट माइल कनेक्टिविटी यानी अंतिम बिंदु तक कनेक्टिविटी के जरिए गांव और शहर के ऐसे सभी गरीब परिवार जिनके घर में बिजली नहीं है वहां तक बिजली पहुंचाना। अब सवाल यह उठता है कि सरकार यह कैसे तय करेगी कि अमुक घर गरीब है और वहां पर बिजली पहुंचाया जाना चाहिए। दरअसल ऐसे लोगों की पहचान सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना 2011 यानी SECC 2011 के आँकड़ों के आधार पर की जाती है। हालांकि ऐसे लोग जो SECC 2011 डेटा के दायरे में नहीं आते हैं और उनके घरों में बिजली नहीं है उन्हें भी 500 रुपए के भुगतान पर इस योजना के तहत बिजली का कनेक्शन दिया जाता है।

सरकार की मानें तो इस योजना में जो लक्ष्य तय किया गया था उसे हासिल कर लिया गया है। केंद्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा पीआईबी पर उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, इसकी शुरुआत से लेकर 31 मार्च, 2021 तक 2.82 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है। इसके कई सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं मसलन दीया-बाती आदि में प्रयोग होने वाले मिट्टी के तेल की जगह अब बिजली की LED देखने को मिल रही है, जिससे पर्यावरण के स्तर में सुधार हुआ है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, रेडियो, टेलीविज़न और मोबाइल आदि के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी और महिलाओं के जीवन गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है।

गौरतलब है कि बिजली कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने सौभाग्य योजना के अलावा भी कई अन्य योजनाएं चला रखी हैं इसमें दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, पीएम कुसुम, एकीकृत विद्युत विकास योजना, उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (UDAY), और गर्व एप आदि।

एक और महत्वपूर्ण सवाल जो यहां उठता है वह यह कि अगर योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा चुका है तो फिर आगे की राह क्या है। इसके लिए सरकार ने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि वे अपने अपने यहां कोई ऐसा अभियान चलाएं जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं कोई इलाका बिजली की पहुंच से बाहर तो नहीं रह गया है। साथ ही, टीम सौभाग्य ने एक टोल फ्री हेल्पलाइन भी जारी कर रखा है जिस पर ग़ैर विद्युतीकृत इलाकों के बारे में सूचना दी जा सकती है।