समुद्री खीरा (Sea Cucumber) : डेली करेंट अफेयर्स

हाल ही में तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के मंडपम वाइल्डलाइफ रेंज में 150 किलोग्राम Sea Cucumber ( समुद्री खीरे) जो अवैध तस्करी के लिए प्रयोग किए जाने वाले थे, को ज़ब्त किया गया है। तस्करी करके इन्हें श्रीलंका ले जाने का प्रयास किया जा रहा था।

पिछले साल दिसंबर माह में ही दक्षिणी अंडमान जिले में Jawara Reserve Area में 10 म्यांमारी तस्कर पकड़े गए थे और 500 किलोग्राम समुद्री खीरे ज़ब्त किये गए थे ।

इनकी तस्करी क्यों होती है?

इसकी तस्करी इसलिए की जाती है क्योंकि इससे दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों पूर्वी एशियाई देशों और चीन आदि देशों में पारंपरिक औषधियों को बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल कामोद्दीपक ( aphrodisiac) एफ्रोडीजियाक यानी यौन इच्छाओं को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है।

होलोथोरिन नाम से जाने जाने वाले ये जीव उष्णकटिबंधीय छिछले जल ( Tropical shallow water) और प्रवाल भित्ति क्षेत्र ( coral reef area) में पाए जाते हैं। ये मन्नार की खाड़ी , अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, केरल के तटीय क्षेत्र, पाक जलडमरूमध्य और आंध्र प्रदेश के तटीय जल में पाए जाते हैं। अन्तरज्वारीय क्षेत्र ( intertidal) क्षेत्र में पाए जाते हैं।

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत यह schedule 1 species है। भारत का पर्यावरण मंत्रालय इसे एंडेंजर्ड यानी संकटापन्न घोषित कर चुका है।

यह एक अकशेरुकी यानी इनवर्टेब्रेट जीव है । इन्हें Earthworm of the sea ( सागर का केंचुआ) भी कहते हैं। विश्व में इनकी 1700 से अधिक प्रजातियां हैं जबकि भारत में 179 प्रजातियां हैं।

इनके पास एक यूनीक रेस्पिरेटरी सिस्टम होता है और प्रेडेटर यानी शिकारियों से बचने के लिए एक सुरक्षा तंत्र भी। सी कुकुंबर अपने एक ऑर्गन से पंपिंग कर जल को अपने अंदर लेता है और बाहर छोड़ता है। इस अंग को Respiratory Tree कहते हैं।

इसके शरीर में एक विशेष अंग ट्यूब फीट (Tube feet) होता है जो इसे चलने रेंगने में मदद करता है।

यह Nutrients यानी पोषक तत्वों और कार्बोनेट्स का पुनर्चक्रण कर eco friendly marine creature के रूप में काम करता है। ये marine scavangers ( सागर में साफ सफाई करने वाले जीव) के रूप में जाने जाते हैं।

समंदर में मत्स्य संसाधन अच्छी मात्रा में बने रहें इसके लिए समुद्री खीरों का वहां होना बहुत आवश्यक है।

2020 में विश्व का सबसे बड़ा सी कुकुंबर कंजर्वेशन रिजर्व ( Worlds largest sea cucumber conservation reserve) लक्षद्वीप में खोला गया था।