भारत में साइबर हमलों की बढ़ती चुनौती : डेली करेंट अफेयर्स

भारत में साइबर हमलों की बढ़ती चुनौती

चर्चा में क्यों?

चेन्नई के छात्र ने आई.आर.सी.टी.सी की वेबसाइट पर बग को चिन्हित कर देश की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (“सी.ई.आर.टी. इण्डिया ) सूचित कर लाखो रेल यात्रियों के डेटा की सुरक्षा की I

Rising Cyber Frauds against Indian Exporters - A warning from ...

पृष्ठभूमि

तमिलनाडु के 17 साल के स्कूली छात्र ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आई.आर.सी.टी.सी ) के ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर एक बग की पहचान कर कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम को अलर्ट करते हुए भारत के ट्रेन टिकट बुकिंग प्लेटफार्म आई.आर.सी.टी.सी. को बग के बारे में जानकारी दी जिससे लाखों यात्रियों के डेटा की सुरक्षा की जा सकी I

कोरोना वायरस महामारी के बाद से महत्त्वपूर्ण अवसंरचना का तेज़ी से डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिसमें वित्तीय सेवाएँ, बैंक, रेलवे सेवाएं, बिजली, विनिर्माण, परमाणु ऊर्जा संयंत्र आदि शामिल हैं।

भारत सरकार भी ‘डिजिटल इण्डिया’ कार्यक्रम के तहत कैशलेस इकॉनमी को प्रोत्साहन दे रही हैं I जिसके परिणामस्वरूप भारत वैश्विक स्तर पर 17 सबसे अधिक डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में दूसरा सबसे तेज़ी से डिजिटल प्रौद्योगिकी अपनाने वाला देश है I

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 के प्रारंभिक आठ महीनों में ही कुल 6.97 लाख साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाएँ दर्ज हुई थीं, जो कि पिछले चार वर्षों में हुई कुल साइबर घटनाओं के बराबर थी ।

साइबर अपराध - ऐसे अवैध कृत्य जिनमें कंप्यूटर एवं इंटरनेट नेटवर्क का प्रयोग एक साधन के रूप में किया जाता हैI इसके अंतर्गत जैसे हैंकिंग, चाइल्ड पोर्नोग्राफी,साफ्टवेयर पाइरेसी,क्रेडिट कार्ड फ्राड,और फिशिंग आदि को शामिल किया जाता है I

साइबर सुरक्षा से संबंधित भारत सरकार की विभिन्न पहलें

  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम- 2000
  • राष्ट्रीय साइबर नीति, 2013
  • साइबर स्वच्छता केंद्र
  • भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र
  • भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In)

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम- 2000

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धाराएँ 43, 43ए, 66, 66बी, 66सी, 66डी, 66ई, 66एफ, 67, 67ए, 67बी, 70, 72, 72ए और 74 हैकिंग और साइबर अपराधों से संबंधित हैं । इस अधिनियम के तहत कंप्यूटर हैकिंग, कंप्यूटर में उपलब्ध रिकार्ड्स से छेड़छाड़, संचार यंत्रों की चोरी और दुरुपयोग, अश्लील सामग्री का प्रकाशन या प्रसार, कानूनी अनुबंध की जानकारी का खुलासा करना आदि दंडात्मक अपराधों की श्रेणी में आते हैं। इसके अंतर्गत 2 वर्ष से लेकर उम्रकैद तथा दंड अथवा जु़र्माने का भी प्रावधान है ।

बुडापेस्ट कन्वेंशन

बुडापेस्ट कन्वेंशन साइबर अपराध पर एक कन्वेंशन है I यह साइबर सुरक्षा के मामले में पहली अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय कानूनों को सुव्यवस्थित करके, जाँच-पड़ताल की तकनीकों में सुधार करके तथा इस संबंध में विश्व के अन्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने हेतु इंटरनेट और कंप्यूटर अपराधों पर रोक लगाने संबंधी मांग की गई है।

कन्वेंशन का अनुच्छेद 32B डेटा तक पहुँच की अनुमति देता है और इस प्रकार यह राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करता है, इसलिये भारत ने अभी तक इस पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं ।

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In)

भारतीय प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 2004 में गठित एक सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा संगठन हैI जिसका उद्देश्य कंप्यूटर की सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में कार्यवाही करने के साथ ही देश भर में आई.टी. सुरक्षा के संबंध में प्रभावी कार्यों को बढ़ावा देना है I