विश्व स्वास्थ्य दिवस 2022 (World Health Day 2022) : डेली करेंट अफेयर्स

आयुष मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली में लाल किले पर एक योग महोत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम में कई सांसद, विभिन्न देशों के राजदूत, प्रमुख खेल हस्तियां और योग गुरुओं ने हिस्सा लिया। मंत्रालय ने आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले सौ दिन का कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें सौ संगठन सौ शहरों में योग को बढ़ावा दे रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह एक वैश्विक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस है। साल 1948 में, WHO ने प्रथम विश्व स्वास्थ्य सभा का आयोजन किया था। इस विश्व स्वास्थ्य सभा ने 1950 से हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। दरअसल इसी दिन यानि 7 अप्रैल 1948 को WHO की स्थापना हुई थी इसीलिए इस दिन को चिह्नित करने के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया के हर व्यक्ति को इलाज की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराना और समाज को बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। इस अवसर पर WHO अंतर्राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय स्तर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन करता है। वर्ष 2022 के विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम 'आवर हेल्थ, आवर प्लानेट' है। ग़ौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा साल 2030 तक “हेल्थ फॉर ऑल” की बात कही गई है।

WHO के बारे में आपको बताएं तो ये संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष एजेंसी है। इसकी स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी। इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में स्थित है। आम तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन अपने सदस्य राष्ट्रों के स्वास्थ्य मंत्रालयों के सहयोग से कार्य करता है। भारत 12 जनवरी, 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन का सदस्य बना था।

योग के बारे में आपको बताए तो ‘योग’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के ‘युज’ शब्द से हुई है, जिसका मतलब जोड़ना, एकीकरण करना या बांधना होता है। आध्यात्मिक स्तर पर जुड़ने का अर्थ है आत्मा का सार्वभौमिक चेतना से मिलन होना वहीं व्यावहारिक स्तर पर योग को शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करने तथा तालमेल बनाने का एक साधन माना जाता है। भारत में योग की शुरूआत करीब दस हजार साल पहले से बताई जाती है। वैदिक संहिताओं के अनुसार सप्तऋषियों में से एक अगस्त्य मुनि ने भारत में योग को जनजीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में काम किया। ईसा पूर्व दूसरी सदी में भारतीय महर्षि पतंजलि ने पतंजलि योग सूत्र पुस्तक लिखी। यह आधुनिक योग विज्ञान की बेहद ही महत्वपूर्ण रचना मानी जाती है।

आधुनिक समय की बात करें तो 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म संसद को स्वामी विवेकानंद ने संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने उस समय के आधुनिक युग में पश्चिमी दुनिया को योग से परिचय करवाया था। वहीं परमहंस योगानंद ने 1920 में बोस्टन में क्रिया योग सिखाया था। उसके बाद कई गुरुओं और योगियों ने दुनियाभर में योग का प्रसार किया और बड़े पैमाने पर लोगों ने इसको स्वीकार करना शुरू किया। यहां तक कि योग को एक विषय के रूप में भी अध्ययन किया जाने लगा। साल 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा योग की महत्ता को विश्व में ख्याति दिलाने के मकसद से 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाने के लिए UN में प्रस्ताव दिया था। इसके बाद दिसंबर 2014 में ‘वैश्विक स्वास्थ्य और विदेश नीति’ की कार्यसूची के तहत UN में सर्वसम्मति से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गयी थी।